नमस्कार दोस्तों मैं आपका मित्र आज आपको अपने जीवन की उस हसीन घटना के बारे में बताऊंगा जिसे आज भी सोचते ही मेरे रोम रोम रोमांचित हो उठता है एक अजीब सी सनसनाहट पूरे शरीर में दौड़ जाती है.
Madhur Kathayen Read In Hindi
दोस्तों यह उन दिनों की बात है जब मैं 12 कक्षा में पढ़ता था मैं देखने में काफी आकर्षक हूं और मेरी हाइट 5 फीट 10 इंच है रंग सावला है उस समय मैंने अपनी बॉडी बना ली थी देखने में मैं काफी ससुडौल और हष्ट पुष्ट लगता था जिसे देखकर कोई भी लड़की आकर्षित हो जाती थी.
मेरे क्लास में एक दामिनी नाम की लड़की पढ़ती थी जो कि देखने में बेहद ही सुंदर जिसके पीछे मेरा पूरा स्कूल पड़ा था दूध जैसा गोरा रंग लंबे घने काले बाल झील सी गहरी आंखें गुलाबी होंठ और अगर जिस्म की बात करें तो जैसे संगमरमर पर तराशा हुआ खुदा का करिश्मा वह एक ऐसी बला थी जिसे देखकर किसी का भी मन डोल जाए मेरा भी मन चाहता था कि मेरी उससे कोई बात बने पर मुझमें कभी हिम्मत नहीं हुई उसे बोलने कीइसी तरह करते हुए हमारा क्लास अपने अंतिम दिनों के करीब आ गयाऔर दिन आया फेयरवेल का सभी दोस्त इकट्ठा हुए नाच गाना हुआ सब ने खूब मस्ती करो और इसी आखरी दिन मेरे जीवन का सबसे हसीन दिन बनने वाला था
दरअसल हुआ यूं की कार्यक्रम खत्म होते-होते काफी रात हो चुकी थी 10:00 बज रहे थे सभी अपने अपने घरों की ओर जाना शुरू कर दिए थे तभी मेरी नजर दामिनी पर पड़ी मैंने देखा वह बहुत घबराई हुई थी वह बार-बार किसी को फोन मिलाना चाह रही थी यह देखकर मुझ से रहा नहीं गया मैं उसके पास गया मैंने उससे पूछा क्या दिक्कत है उसने मुझे बताया कि उसे घर जाना है इसके लिए उसे कैब बुक करना है और उसका फोन काम नहीं कर रहा बस मुझे इसी मौके की तलाश थी मैंने उसे कहा कि अगर तुम कहो तो मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ सकता हूं इतना सुनते ही उसने भी झट से हां कह दिया फिर मैं उसे अपनी बाइक पर बिठाकरउसे उसके घर की ओर ले चल दिया मैं पूरे रास्ते यही सोचता रहा था कि आज मेरा दिन काफी अच्छा है यहां सोचते सोचते हो उसका घर आ गया मैंने देखा घर के दरवाजे पर ताला लगा है मैंने पूछा क्या कोई है नहीं घर पर उसने कहा नहीं मेरे परिवार वाले 3 दिन के लिए मामा के यहां गए हैं मेरा रुकना जरूरी था क्योंकि घर पर किसी का होना भी जरूरी है इतना सुनकर मैं उसे गुड नाईट बोल कर जाने लगा,
तभी उसने मुझे कहा कि रात बहुत हो गई है तुम चाहो तुम मेरे यहां रुक सकते हो मैंने पलट कर उसकी आंखों को देखा तब मुझे एहसास हुआ कि जो तमन्ना मेरे मन में है वह कहीं ना कहीं उसके मन में भी है मैंने मैंने भी झट से हामी भर दी फिर हम दोनों उसके घर में गए वह बोली मैं चेंज करके आती हूं मैं बोला ठीक है फिर वह अपने कमरे में अपनी साड़ी बदलने चली गई मैं वही बाहर सोफे पर बैठा था तभी उसने मुझे अंदर से आवाज दी मैं गया उसके पास तो मैंने देखा वह उस साड़ी में अपने शीशे के सामने खड़ी है मैंने पूछा क्या हुआ उसने कहा कि उसकी पिन उसके साड़ी में अटक गई है जो उसे चुभ रही है तो मुझे उसने उस को निकालने के लिए कहा... मैं उसके करीब गया उस समय उसका जो बदन था वह एक शोले की तरह धड़क रहा था मैं जैसे ही उसके करीब गया उसकी आंखों में आंखें डाली यह देखते ही उसने मुझे झट से अपनी बाहों में भर लिया उसे गरम-गरम सांसों ने मुझे उससे लिपटने का न्योता दे दिया मैंने उसके मुंह को ऊपर करके उसके होठों को चूमना शुरू कर दिया इतना करते ही वह भी आहें भरने लगी फिर क्या था फिर मैं अपने आपे से बाहर हो गया मैंने उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया फिर मैंने उसकी साड़ी उपर से हटाई और उसके दो बड़े बड़े चूचो को दबाना शुरू कर दिया यह होते ही वह और गरम हो गई उसने मुझे बेड पर ले जाने का इशारा किया मैंने उसे गोद में उठाकर उसके बेड पर पटक दिया,
फिर मैं भूखे भेड़िए की तरफ उस पर टूट पड़ा मैंने झटके से उस के ब्लाउज के बटन को तोड़कर उसके ब्लाउज को निकाला दिया और काली ब्रा में उसके दो सफेद बड़े चूचि मेरे आंखों के सामने आ गये मैने उसके ब्रा को खोल कर उसकी चूचीयो को दबाना और चूसना शुरू कर दिया वह भी मुझ से लिपट गयी....फ़िर मैने अपने एक हाथ को उसके चूची के ऊपर रगड़ना शुरु कर दिया मैंने झट से उसकी साड़ी खोल डाली जैसे ही मैंने उसका पेटीकोट सरकाया ब्लैक पेंटिं में उसके गोरे गोरे पैरों के बीच उसकी चूत से आती महक को सुन्घ्ते हि मैं मदहोश हो गया मैंने उसकी पैंटी को उतारते ही अपने पेंट और शर्ट खोल दीये अब हम दोनों नंगे बदन एक दूसरे के ऊपर लेटे हुए थे मैंने उसकी चूची चूसते हुए अब उसके चूत मेंउंगली करना शुरू कर दिया वह भी उह आह की आवाजे निकालने लगी उसकी इन आवाजों ने मुझे और कामुख कर दिया मेरा 7 इंच का लंड अपने रौद्र रूप में आ चुका था मेरे लंड को देखते ही उसकी आंखें बाहर आ गई उसने मुझे बोला लेट जाओ और उसनेअपने नरम हाथों से मेरे लंड को पकड़ कर अपने मुंह में लेना शुरू कर दिया मुझे मानो
जन्नत मिल गया हो और वह इस तरीके से चूस रही थी मानो उसने महारत हासिल की हो करीबन 5 मिनट चूसने के बाद वह अपने गुलाबी चूत को लेकर मेरे लंड पर बैठ गयि और रगड़ने लगी मैंने बोला अब मत तड़पाओ इसे अब अपनी चूत में जाने दो मेरी इतनी सी बात सुनते ही उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर पटक दिया और धीरे-धीरे अंदर की ओर ले जाने लगी फिर उसनेमेरे लंड पर उछलना शुरू कर दिया पूरा कमरा उसकी चीखो से " उह आह ऊइ मा आह येस ओह येह्ह आह आह हाय " से गुन्ज उठा फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसके पीछे से उसकी चूत में अपने लंड घुसाया जैसे ही पूरा लंड अंदर गया वो बहुत तड़प उठी मैं मानो ट्रेन की रफ्तार से झटके देने लगा करीबन 10 मिनट चोदने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया फिर जब मैं उसके बगल में लेटा उसने मुझे इतनी जोर से चुमा और कहा इतने दिनों सेकहां थे तुम तुम मुझे पहले से ही पसंद थे बस फिर दोस्तों यह सिलसिला अगले कई दिनों तक चलता रहा.
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